रजिस्ट्रेशन और अवैध कक्षाओं का खेल, शिक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
शामली: जनपद में शिक्षा व्यवस्था को लेकर एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां कुछ निजी स्कूलों पर फर्जी रजिस्ट्रेशन और बिना मान्यता के कक्षाएं संचालित करने के आरोप लगे हैं। इस पूरे प्रकरण ने न केवल प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि बच्चों के भविष्य को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है।
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, कई विद्यालय ऐसे हैं जो कागजों में तो अलग स्तर तक मान्यता प्राप्त दिखाए जाते हैं, लेकिन वास्तविकता में वे निर्धारित मानकों से कहीं आगे तक कक्षाएं चला रहे हैं। कुछ स्कूलों में 12वीं तक पढ़ाई का दावा किया जा रहा है, जबकि उनके पास केवल प्राथमिक या जूनियर स्तर की ही अनुमति है।
बताया जा रहा है कि अभिभावकों को स्कूलों की मान्यता और सुविधाओं के बारे में पूरी जानकारी नहीं दी जाती, जिससे वे अनजाने में अपने बच्चों का दाखिला ऐसे संस्थानों में करा देते हैं। बाद में जब सच्चाई सामने आती है, तब तक काफी देर हो चुकी होती है और बच्चों का शैक्षणिक भविष्य प्रभावित होने लगता है।
इस मामले में यह भी सामने आया है कि कई विद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी है, फिर भी वे शिक्षा के नाम पर फीस वसूली का कारोबार चला रहे हैं। इससे शिक्षा की गुणवत्ता लगातार गिरती जा रही है।
सबसे अहम बात यह है कि संबंधित विभाग और जिम्मेदार अधिकारी इस पूरे घटनाक्रम से अनजान नहीं हैं, इसके बावजूद ठोस कार्रवाई का अभाव नजर आता है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे स्कूलों की गहन जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं।
यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई, तो यह न सिर्फ शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करेगा बल्कि आने वाली पीढ़ी के भविष्य को भी खतरे में डाल सकता है।
🖋️अजीत कुमार श्रीवास्तव
👤जिला प्रभारी
🎤आर हिंदुस्तान
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Author: AJEET SHRIWASTAVA
District Bureau Chief - Shamli Uttar Pradesh






