सच्चा मित्र वही है जो कृष्ण सुदामां के चरित्र को जीवन मे आत्मसात करे

न्यूज डेस्क, R Hindustan, औरैया-उत्तर प्रदेश, Published by : रेनू गुप्ता

कंचौसी,औरैया- भगवात कथा के अंतिम दिवस नौगवा ग्राम मे आचार्य राम श्याम ने भक्तो को सुदामा कृष्ण प्रसंग को सुनाते हुए यही संदेश दिया कि सोलह कलाओ से परिपूर्ण भगवान श्रीकृष्ण को जब बचपन के सखा सुदामा के द्वारिका आने की सूचना मिली तो नंगे पाव अपने मित्र के स्वागत के लिए दौडे, जहां उन्होने बिना किसी राजसी ठाठ वाट बैभव का परित्याग कर अपने बचपन के मित्र को गले से लगा कर अपने राज महल मे स्वागत सम्मान किया। वह अच्छे मित्र का कर्तव्य और धर्म को समाज को दिशा और मार्ग दर्शन कराता है।आचार्य के इस वर्णन पर खचाखच भरे पंडाल मे बैठे भक्त बडे भाव बिभोर होकर कथा सुन रहे थे जो बीच बीच मे राधेश्याम कृष्ण प्यारे का जय घोस कर तालियां बजाकर आनंद ले रहे थे साप्ताहिक भागवत का आज अंतिम दिन होने के कारण बडी संख्या मे आसपास से भक्त सुनने पहुंचे थे। कल बिशाल भंडारा का आयोजको द्वारा आयोजन किया गया है।

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Author: R Hindustan

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