शामली।थाना आदर्श मंडी क्षेत्र में सिसौली रोड स्थित एक निजी अस्पताल में प्रसव के लिए भर्ती कराई गई महिला और उसके नवजात बच्चे की मौत के बाद परिजनों में आक्रोश फैल गया। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए मामले की जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

जानकारी के अनुसार हाथी करौदा गांव निवासी हसीन मलिक की पत्नी को प्रसव पीड़ा होने पर शामली के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों का कहना है कि प्रसव के दौरान महिला की हालत अचानक बिगड़ गई। अस्पताल की ओर से उसे मेरठ रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही महिला ने दम तोड़ दिया। परिजनों के मुताबिक प्रसव के बाद नवजात की हालत भी गंभीर थी और बाद में उसकी भी मौत हो गई।
परिजनों का आरोप है कि यदि महिला की बिगड़ती हालत को देखते हुए समय रहते बेहतर उपचार की व्यवस्था की जाती और गंभीर स्थिति में तत्काल रेफर किया जाता तो संभवत: दोनों की जान बचाई जा सकती थी। उन्होंने अस्पताल में उपचार के दौरान करीब 30 हजार रुपये खर्च होने की बात भी कही।
घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन अस्पताल के बाहर पहुंच गए। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए कार्रवाई की मांग की। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और लोगों को समझाकर स्थिति को संभाला।
मृतका के पति हसीन मलिक ने मामले की निष्पक्ष जांच कराकर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई किए जाने की मांग की है। वहीं घटना के बाद निजी अस्पतालों में मरीजों के उपचार, गंभीर मामलों में समय पर रेफर किए जाने और स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।

हालांकि, अस्पताल प्रबंधन का पक्ष इस मामले में सामने आना अभी बाकी है। मामले की जांच के बाद ही उपचार में किसी प्रकार की लापरवाही की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
Author: AJEET SHRIWASTAVA
District Bureau Chief - Shamli Uttar Pradesh



