“चित्रकूट में ईमानदारी की मिसाल: शिक्षिका ने लौटाया सड़क पर मिला नकदी से भरा पर्स!”

चित्रकूट। जहां इस कलयुग में आए दिन चोरी लूटपाट की घटनाएं हो रही हैं वहीं इसी समाज में नेक इंसान भी हैं जो समाज में आदर्श प्रस्तुत कर मानवता और ईमानदारी को जिंदा किए हुए हैं।
चित्रकूट की धरती में दर्शनार्थियों की असीम भीड़ कुंभ मेले के दौरान चल रही है जिसमें लाखों भक्तगण चित्रकूट में मां मंदाकिनी में डुबकी लगाकर कामदगिरि की परिक्रमा लगाकर दर्शन करने के लिए आ रहे हैं । चित्रकूट की पावन नगरी वास्तव में पावन , पवित्र है और भक्तगणों से परिपूर्ण है। आज शनिवार को सुबह नौ बजे नासिक महाराष्ट्र के निवासी का पर्स आवागमन के दौरान शहर के इलाहाबाद रोड करवी में सड़क पर गिर गया था । कल्याण भारती इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्या कल्पना राजपूत एसडीएम कॉलोनी स्थित अपने घर से स्कूल जा रही थी उन्हें यह पर्स रोड में गिरा हुआ मिला जिसमें कई प्रकार के महत्वपूर्ण कागजात जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड,विजिटिंग कार्ड आदि थे ,इसके अलावा काफी रुपए भरे हुए थे । कल्पना राजपूत ने संबंधित व्यक्ति प्रशांत नेमीचंद्र भावसार उनकी धर्मपत्नी श्रीमती स्वाति भावसार के फोन पर कॉल किया और बुलाकर सम्मान सहित पर्स व पूरा सामान वापस देकर ईमानदारी की मिसाल पेश की है। शुक्रिया बोल महाराष्ट्र के भक्त ने कल्पना राजपूत की भूरि भूरि प्रशंसा की, थैंक्यू बोला, आशीर्वाद दिया। जाते वक्त यह भी बोले कि महाराष्ट्र में हमारा पर्स गिर गया होता तो कोई न देता हमारे महाराष्ट्र में इतनी ईमानदारी नहीं है।
इस प्रकार पावन नगरी की शिक्षिका कल्पना राजपूत ने लालच को दरकिनार कर ईमानदारी की एक आदर्श मिसाल पेश की है जो समाज के लिए एक सच्चाई ईमानदारी के लिए प्रेरणा है। धरती के ऐसे ही व्यक्तित्व ईमानदारी की ध्वजा को लहराकर सत्य को जीवित रखने में सहायक होते हैं। कल्पना राजपूत ने ईमानदारी का परचम फहराकर चित्रकूट का गौरव बढ़ाया है।

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Author: R Hindustan

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