गयाजी (बिहार) की बेटी ने काशी हिन्दू विश्वविद्यालय का बढ़ाया मान, अमेरिका में किया शोधपत्र प्रस्तुत

काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के भारत कला भवन संग्रहालय की सहायक क्यूरेटर डॉ. प्रियंका चंद्रा ने “Royal Court Culture and Museums: Cotton Tentage in the Bharat Kala Bhavan Collection, Varanasi” शीर्षक शोधपत्र को अमेरिका स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ विस्कॉन्सिन–मैडिसन के सेंटर फॉर साउथ एशिया द्वारा आयोजित दक्षिण एशिया पर 53वें वार्षिक सम्मेलन (22–25 अक्टूबर, 2025) में प्रस्तुत किया।

यह शोध मुगल कालीन कलमकारी तंबू पट्टियों (tent panels) के माध्यम से शाही दरबार की गतिशील संस्कृति (Travelling Court Culture) और उस काल की वस्त्र एवं कलात्मक परंपराओं को समझने का प्रयास है। डॉ. चंद्रा ने विदुषी रोसेमेरी क्रिल एवं सिलविया एच॰ जैसे विद्वानों के कार्यों से प्रेरणा लेते हुए तंबुओं और वस्त्रों की शाही गरिमा और शक्ति के प्रतीक के रूप में व्याख्यायित किया है।

शोध में भारत कला भवन, वाराणसी में संरक्षित कलमकारी पट्टियों का तुलनात्मक अध्ययन भारत, यूरोप, जर्मनी और अमेरिका के अन्य संग्रहालयों में सुरक्षित समान उदाहरणों के साथ किया गया है। साथ ही, समकालीन लघु चित्रों के अध्ययन द्वारा इन वस्त्रों की कलात्मक और सांस्कृतिक महत्ता को और भी गहराई से प्रस्तुत किया गया है। यह प्रस्तुति 17वीं–18वीं शताब्दी के भारत की सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक पृष्ठभूमि को समझने का एक नया दृष्टिकोण प्रदान करती है। यह न केवल भारत कला भवन के अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक योगदान को रेखांकित करती है, बल्कि भारतीय कला और विरासत की वैश्विक पहचान को भी सुदृढ़ बनाती है।

आपको बताते चलें कि डॉ प्रियंका चंद्रा गयाजी (बिहार) की मूल निवासी हैं और काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के भारत कला भवन संग्रहालय में सहायक क्यूरेटर के पद पर कार्यरत हैं।

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Author: R Hindustan