शामली में साइबर ठगी के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश

शामली: साइबर ठगी के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश; पति-पत्नी गिरफ्तार, बैंक खाते में हुआ था ₹1.77 करोड़ का खेल

शामली (उत्तर प्रदेश) | 21 जनवरी, 2026

 

जिला प्रभारी अजीत कुमार श्रीवास्तव 

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शामली पुलिस ने साइबर अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान में एक बड़ी सफलता हासिल की है। साइबर क्राइम थाना और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने ‘म्यूल अकाउंट’ (Mule Accounts) के जरिए करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले एक दंपति को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों के बैंक खाते से अब तक देश भर में 41 ठगी की शिकायतों का लिंक मिला है, जिनमें कुल ₹1,77,24,087 की धोखाधड़ी की गई है।

करोड़ों के ट्रांजेक्शन ने खोले राज

पुलिस अधीक्षक (SP) शामली, श्री एन.पी. सिंह के आदेशानुसार संदिग्ध खातों की जांच की जा रही थी। इस दौरान पंजाब नेशनल बैंक (PNB), पालिका बाजार शामली के एक करंट अकाउंट में संदिग्ध गतिविधियां पाई गईं। जांच में सामने आया कि 08 अप्रैल 2024 को मात्र एक दिन के भीतर इस खाते में ₹98,38,276.10 क्रेडिट हुए थे।

मुंबई का ‘कास्टिंग डायरेक्टर’ निकला ठगी का मोहरा

गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान हिमांक प्रशांत कनव (निवासी मुंबई, मूल निवासी पंजाब) और उसकी पत्नी सुरभि भार्गव (निवासी गगन विहार, शामली) के रूप में हुई है।

साजिश का ताना-बाना: हिमांक मुंबई में विज्ञापन जगत में कास्टिंग डायरेक्टर का काम करता था। वहां उसकी मुलाकात ‘राघव’ नाम के एक शॉर्ट फिल्म डायरेक्टर से हुई।

लालच का जाल: राघव के जरिए हिमांक दिल्ली के ‘हर्षित उर्फ रितिक’ से मिला। हर्षित ने उसे फिल्म प्रोजेक्ट के लिए भारी फंडिंग और कमीशन का लालच देकर एक करंट अकाउंट खोलने को कहा।

म्यूल अकाउंट का खेल: हिमांक और सुरभि ने शामली में ‘हिमांक प्रशांत कैमेक्ट नेटवर्क प्राइवेट लिमिटेड’ के नाम से खाता खुलवाया और उसका पूरा नियंत्रण (Access) ठगों के गिरोह को सौंप दिया।

ठगी का तरीका (Modus Operandi)

यह गिरोह टेलीग्राम और व्हाट्सऐप के माध्यम से आम लोगों को ‘ट्रेडिंग इन्वेस्टमेंट’ और ‘हाई प्रॉफिट’ का लालच देता था। फर्जी ऐप्स के जरिए लोगों को उनके निवेश पर बड़ा मुनाफा दिखाया जाता था, जिसे निकालने के नाम पर उनसे लाखों रुपये इन ‘म्यूल खातों’ में जमा करा लिए जाते थे।

पुलिस टीम की बड़ी कामयाबी

इस ऑपरेशन को अंजाम देने वाली टीम में निरीक्षक सीमा शर्मा (प्रभारी साइबर थाना), निरीक्षक संजीव भटनागर (प्रभारी साइबर सेल) और निरीक्षक संजय कुमार शामिल रहे। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों और ‘हर्षित’ की तलाश में जुटी है।

शामली पुलिस की अपील: अपने बैंक खाते का नियंत्रण कभी भी किसी अनजान व्यक्ति को न दें। कमीशन के लालच में दिया गया आपका खाता साइबर ठगी में इस्तेमाल हो सकता है, जिसके लिए आप कानूनी रूप से जिम्मेदार होंगे।

 

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AJEET SHRIWASTAVA
Author: AJEET SHRIWASTAVA

District Bureau Chief - Shamli Uttar Pradesh