शामली ARTO पर कानूनी शिकंजा! पत्रकार द्वारा भेजा गया पहला नोटिस पहुँचते ही विभाग में हड़कंप…!
शामली।
जनपद शामली में अवैध वसूली, ओवरलोडिंग और डग्गामार वाहनों पर कार्रवाई न करने के आरोपों से घिरे आरटीओ रोहित राजपूत पर अब कानूनी शिकंजा कसता दिख रहा है। एक स्थानीय पत्रकार द्वारा भेजा गया कानूनी नोटिस जैसे ही आरटीओ कार्यालय पहुँचा, विभाग में हड़कंप मच गया।
सूत्रों के अनुसार, पत्रकार ने अपने नोटिस में आरोप लगाया है कि आरटीओ ने न केवल अपने कर्तव्यों का निर्वहन ठीक से नहीं किया, बल्कि फोन पर बातचीत के दौरान पत्रकार के कार्य और उनकी पहचान पर भी संदेह जताते हुए अभद्रता की।
पत्रकार का कहना है कि—
> “मेरे पास संस्था का लेटर सूचना अधिकारी के पास जमा है, फिर भी आरटीओ मुझे ऑथराइज्ड पत्रकार नहीं मानते। यह न केवल पत्रकारिता का अपमान है बल्कि कार्य में बाधा भी है।”
कानूनी नोटिस में यह भी उल्लेख है कि लगातार शिकायतों और आईजीआरएस पर दर्ज मामलों के बावजूद आरटीओ शामली की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिससे ओवरलोडिंग और डग्गामार वाहनों का खेल खुलेआम जारी है।
वहीं, नोटिस पहुँचते ही आरटीओ कार्यालय में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। कई कर्मचारी यह जानने में लग गए हैं कि आखिर मामला कितना गंभीर है और आगे क्या कार्रवाई हो सकती है।
जानकारों का कहना है कि यदि विभाग 15 दिनों में नोटिस का संतोषजनक जवाब नहीं देता, तो मामला सीधे मानहानि केस और उच्च अधिकारियों तक पहुँच सकता है।
स्थानीय लोगों ने भी टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि एक पत्रकार को अपने कर्तव्य के दौरान ही धमकियाँ या दबाव झेलना पड़े, तो जिले में कानून का क्या हाल होगा?
अब पूरा जिला यही देख रहा है कि—
क्या आरटीओ जवाब देंगे या मामला और बड़ा बनेगा?
“बनें जुर्म के ख़िलाफ़ बुलंद आवाज़”
किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना की सूचना देकर बनें सच्चे भारतीय
अजीत कुमार श्रीवास्तव
9456889665
Author: AJEET SHRIWASTAVA
District Bureau Chief - Shamli Uttar Pradesh





