शामली पुलिस का बड़ा एक्शन: ट्रांसफार्मर से तांबा चोरी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़, भारी मात्रा में सामान बरामद
शामली। अजीत कुमार श्रीवास्तव
जनपद की थाना कांधला पुलिस ने बिजली के ट्रांसफार्मर से तांबा और अन्य कीमती सामान चोरी करने वाले एक शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से अवैध हथियार, चोरी की मोटरसाइकिल और भारी मात्रा में ट्रांसफार्मर का सामान बरामद किया है।
गिरफ्तारी और बरामदगी का विवरण
पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनके पास से निम्नलिखित सामान बरामद हुआ है:
- हथियार: 1 अवैध तमंचा (315 बोर), 1 खोखा और 1 जिंदा कारतूस, साथ ही 2 अवैध चाकू।
- वाहन: एक स्पलेंडर मोटरसाइकिल (बिना नंबर प्लेट), जिसका उपयोग चोरी में किया जाता था।
- चोरी का सामान: 127 किलोग्राम जला हुआ तांबे का तार, 24 किलोग्राम ट्रांसफार्मर का अन्य सामान और चोरी की 1 बैटरी।
- उपकरण: तार काटने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले कटर, पिलास, पेचकस आदि।
- अन्य: तांबे की चूड़ी बनाने की पत्ती (6 किलो 300 ग्राम) और करीब 45 तैयार तांबे की चूड़ियां।
अपराध करने का तरीका
पूछताछ में पता चला है कि यह गिरोह ट्रांसफार्मर से तांबा चोरी करता था। वे चोरी किए गए तार को 500 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से खरीदते/बेचते थे और बाद में तांबे की चूड़ियाँ बनाकर उन्हें 1500 रुपये में बेचकर मुनाफा कमाते थे।
शातिर अपराधियों का इतिहास
गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों में शौकत और फुरकान का लंबा आपराधिक इतिहास है:
- शौकत: इसके खिलाफ शामली के कैराना और बाबरी थानों में हत्या के प्रयास (307 भादवि), चोरी, आबकारी अधिनियम और NDPS एक्ट के तहत लगभग 8 मामले दर्ज हैं।
- फुरकान: इसके विरुद्ध झिंझाना, गढ़ीपुख्ता, कोतवाली शामली और बाबरी थानों में लूट (395 भादवि), चोरी और पशु क्रूरता अधिनियम के तहत 5 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं।
सराहनीय कार्य करने वाली पुलिस टीम
इस सफल कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक सतीश कुमार, उप-निरीक्षक विक्रम सिंह, हेड कांस्टेबल रविंद्र कुमार और कांस्टेबल नितिन कुमार व मोनू नागर की मुख्य भूमिका रही। पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य संपर्कों और चोरी का माल खरीदने वालों की तलाश कर रही है।
गिरोह के अन्य सदस्य और उनकी भूमिका
पुलिस द्वारा की गई पूछताछ और बरामदगी विवरण के अनुसार, इस गिरोह के प्रमुख सदस्य ये हैं:
शौकत और फुरकान: ये गिरोह के मुख्य सदस्य हैं जो चोरी की घटनाओं को अंजाम देते थे।
खरीदार और बिचौलिया: गिरोह का एक अन्य सदस्य चोरी का माल (तांबे का तार) 500 रुपये प्रति किलो में खरीदता था।
मुनाफाखोरी: खरीदे गए तार से तांबे की चूड़ियाँ बनाई जाती थीं, जिन्हें बाज़ार में 1500 रुपये में बेचा जाता था।
क्षेत्र जहां गिरोह सक्रिय था
यह गिरोह केवल शामली तक सीमित नहीं था। इनके आपराधिक इतिहास से पता चलता है कि ये बाग़पत, शामली और मुजफ्फरनगर के 12 से ज्यादा गांवों में सक्रिय थे। इन्होंने मुख्य रूप से इन क्षेत्रों को निशाना बनाया:
कैराना और बाबरी (शामली): यहाँ शौकत के खिलाफ कई मामले दर्ज हैं।
झिंझाना और गढ़ीपुख्ता: यहाँ फुरकान ने कई चोरियां की थीं।
कांधला: हालिया घटना जहाँ किसान के खेत से 100 KVA और 63 KVA के ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त कर कॉपर निकाला गया।
गिरोह के खिलाफ दर्ज अन्य प्रमुख मामले
इन अभियुक्तों पर चोरी के अलावा अन्य गंभीर धाराओं में भी मुकदमे दर्ज हैं:
गंभीर अपराध: शौकत पर धारा 307 (हत्या का प्रयास) और 147/148/149 (दंगा और घातक हथियार) के तहत मुकदमे दर्ज हैं।
नशीले पदार्थ: इनके खिलाफ NDPS एक्ट (नशीली दवाओं की तस्करी) के तहत भी मामले दर्ज हैं।
पशु क्रूरता: फुरकान पर पशु क्रूरता अधिनियम और चोरी (380/411/457 भादवि) के कई मामले दर्ज हैं।
बरामदगी की अन्य महत्वपूर्ण वस्तुएं
गिरोह के पास से बिना नंबर प्लेट की स्पलेंडर मोटरसाइकिल मिली है, जिसका इस्तेमाल वे रेकी करने और भागने के लिए करते थे। [दस्तावेज़] साथ ही, 127 किलो जला हुआ तांबा इस बात का सबूत है कि इन्होंने बड़े पैमाने पर बिजली लाइनों और ट्रांसफार्मर को नुकसान पहुँचाया है।
Author: AJEET SHRIWASTAVA
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