शामली जिले का बिडोली बना ‘खनन नगरी’ पोकलेन गरज रही, प्रशासन हुआ मौन !
जनपद शामली के बिडोली गांव में इन दिनों हालात ऐसे हैं मानो शासन-प्रशासन की जगह खनन माफियाओं का राज चल रहा हो। खेत हों या खाली ज़मीन—हर तरफ़ पोकलेन मशीनों की दहाड़ सुनाई दे रही है। अवैध खनन दिन-दहाड़े भी जारी है और रात के अंधेरे में भी, लेकिन जिम्मेदार महकमे आंखें मूंदे बैठे हैं।
खुलेआम अवैध खनन, बेखौफ माफिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि पोकलेन मशीनें बिना किसी डर के लगातार मिट्टी और खनिज निकाल रही हैं। ट्रैक्टर-ट्रॉली ऐसे दौड़ रही हैं जैसे कोई “खनन एक्सप्रेस” चल रही हो। न कोई रोक-टोक, न कोई जांच—मानो सब कुछ “सेटिंग” के सहारे हो रहा हो।
ग्रामीणों के मन में सवाल हैं—
क्या बिडोली में कानून लागू नहीं होता?
क्या पोकलेन मशीनों को ऊपर से परमिट मिला है?
या फिर नीचे ही सब कुछ फिक्स है?
प्रशासन और खनन विभाग पर सवाल
हैरानी की बात यह है कि अवैध खनन की यह गतिविधि दिन-रात चलने के बावजूद प्रशासन की आंखों पर पट्टी बंधी नजर आती है। खनन विभाग कुंभकर्णी नींद में है, जबकि माफिया पूरे कॉन्फिडेंस के साथ जमीन खोदने में जुटे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही।
पर्यावरण और खेती पर भारी असर
अवैध खनन का सबसे बड़ा खामियाजा गांव की खेती और पर्यावरण भुगत रहा है। खेत बर्बाद हो रहे हैं, जमीन की उर्वरता घट रही है और सड़कों की हालत बद से बदतर हो चुकी है। भारी वाहनों की आवाजाही से धूल-धक्कड़ बढ़ रही है, जिससे ग्रामीणों का जीना दूभर हो गया है।
आक्रोश बढ़ा, आंदोलन की चेतावनी
अब मामला सिर्फ अवैध खनन तक सीमित नहीं रहा। यह प्रशासन की साख का भी सवाल बन चुका है। अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामीण सड़क पर उतरकर आंदोलन करने को तैयार हैं। उनका साफ कहना है कि कानून सबके लिए बराबर होना चाहिए—चाहे वह आम नागरिक हो या खनन माफिया।
जिले के बिडौली खनन प्वाइंट पर अवैध खनन की शिकायतें अक्सर सामने आती रही हैं, जिसमें हरियाणा और उत्तर प्रदेश दोनों राज्यों की जमीनें प्रभावित हुई हैं। खनन माफिया द्वारा इस क्षेत्र को अवैध गतिविधियों का केंद्र बनाया गया है, जिससे सरकारी राजस्व का भारी नुकसान हो रहा है और पर्यावरण को भी क्षति पहुँच रही है ।
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Author: AJEET SHRIWASTAVA
District Bureau Chief - Shamli Uttar Pradesh







