झालावाड़। राजस्थान के झालावाड़ जिले के चौमहला कस्बे में मोहर्रम का पर्व पूरे धार्मिक श्रद्धा, अकीदत और पारंपरिक उत्साह के साथ मनाया गया। हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में कस्बे में ताजियों का जुलूस निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने भाग लिया। जुलूस के दौरान लोगों ने इमाम हुसैन को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए अमन, भाईचारे और देश की खुशहाली के लिए दुआ की।
नौजवान हुसैनी कमेटी के लाइसेंसधारी आबिद हुसैन ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी मोहर्रम के अवसर पर ताजियों का आयोजन पारंपरिक तरीके से किया गया। रात्रि करीब 9 बजे इमामबाड़े से मुकाम उठाया गया, जिसके बाद ताजियों का जुलूस कस्बे के प्रमुख मार्गों से होते हुए निकला। जुलूस में शामिल अकीदतमंदों ने पूरी श्रद्धा के साथ धार्मिक रस्में अदा कीं।
बाद में ताजियों का जुलूस करबला पहुंचा, जहां जियारत की गई। इस दौरान लोगों ने देश में शांति, सौहार्द, भाईचारे और खुशहाली की दुआ मांगी। पूरे आयोजन के दौरान धार्मिक अनुशासन और सामाजिक सौहार्द का वातावरण देखने को मिला।
इसी प्रकार ऐतिहासिक कस्बा गंगधार में भी मोहर्रम के अवसर पर ताजियों का जुलूस निकाला गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु और अकीदतमंद जुलूस में शामिल हुए तथा पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मोहर्रम की रस्में अदा कीं। पूरे आयोजन के दौरान लोगों में गहरी आस्था और श्रद्धा देखने को मिली।
मोहर्रम के जुलूस को शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित ढंग से संपन्न कराने के लिए चौमहला और गंगधार दोनों कस्बों में पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल की तैनाती की गई थी तथा अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए रहे। प्रशासन की सतर्कता और स्थानीय लोगों के सहयोग से पूरे आयोजन का समापन शांतिपूर्ण माहौल में हुआ।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन की व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि आपसी भाईचारे और सामाजिक सौहार्द के साथ मनाए जाने वाले ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में एकता और सद्भाव का संदेश देते हैं।
रिपोर्ट : R हिंदुस्तान संवाददाता




